तपस्या ने रूठ कर अपने होंठ फुला लिए थे, पर उस कमरे में उसकी मासूम नाराजगी को देखने वाला कोई नहीं था। देवराज ने उसे धीरे से कॉफी टेबल पर बिठा दिया। तपस्या कुछ समझ पाती, उससे पहले ही अंश और आहान ने अपनी शर्ट्स उतार फेंकी थीं। इवेन चुपचाप सोफे पर बैठा सब कुछ देख रहा था। उसे तपस्या की घबराहट और अनकही बेचैनी में एक अलग ही सुकून महसूस हो रहा था; उसके चेहरे पर एक संतोष भरी मुस्कान थी कि तपस्या अब उन चारों के बीच ढलने की कोशिश कर रही है। दो दिन पहले की तपस्या होती तो अब तक कोहराम मचा चुकी होती, लेकिन आज की शांति में कुछ ऐसा था जो इवेन के दिल को सुकून दे रहा था। वह अभी तपस्या के और करीब नहीं जाना चाहता था, उसने अपने भाइयों को उसके साथ खेलने के लिए छोड़ दिया था, यह जानते हुए कि वे कुछ पल की शरारत के बाद उसे उसके लिए ही छोड़ देंगे।
Three Brothers, One Obsession
"A 19-year-old girl accidentally finds herself trapped in a maze where her entire life changes. She becomes the obsession of three brothers, who are willing to go to any extent to have her. But can one girl live with three men and satisfy them all?"




Write a comment ...