तपस्या जब बिस्तर पर कांपती हुई सी जाने लगती है, तब अंश अपने हाथों में एक बॉक्स लेकर आता है। उस बॉक्स को बिस्तर पर पटक कर वह तपस्या के सामने अपने हाथ कमर के पीछे बांधता है और उसकी रूह में उतर जाने वाली निगाहों से घूरते हुए हुक्म देता है, “Naked..!”
तपस्या का गला सूख जाता है। अंश उसकी दबी हुई सांसों को महसूस करते हुए कहता है, “मुझे पाना है तो मेरी हर एक बात माननी होगी, वरना अंजाम बुरा होगा!”




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